Petrol Diesel LPG Price देशभर में पेट्रोल डीजल और एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर आम लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी का असर अब भारतीय बाजार पर भी दिखने लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने ताजा रेट जारी किए हैं जिनमें कई शहरों में पेट्रोल डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर के दाम या तो स्थिर हैं या फिर हल्की कटौती दर्ज की गई है।
तेल कंपनियां हर दिन सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल की नई दरें जारी करती हैं। ये कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की दरों और रुपये डॉलर की विनिमय दर पर आधारित होती हैं। हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण भारतीय उपभोक्ताओं को भी राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
बड़े शहरों में पेट्रोल डीजल के ताजा भाव
राजधानी दिल्ली की बात करें तो आज पेट्रोल की कीमत लगभग 99 रुपये 70 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत करीब 91 रुपये 05 पैसे प्रति लीटर दर्ज की गई है। वहीं मुंबई में पेट्रोल 108 रुपये 10 पैसे और डीजल लगभग 98 रुपये 90 पैसे प्रति लीटर बिक रहा है।
हर राज्य में वैट और स्थानीय टैक्स अलग अलग होने के कारण पेट्रोल और डीजल के दामों में अंतर देखने को मिलता है। यही वजह है कि एक ही दिन में अलग अलग शहरों में ईंधन के भाव अलग होते हैं। हालांकि फिलहाल कीमतों में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं की गई है जिससे आम लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है।
LPG गैस सिलेंडर के दामों में भी राहत
घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में भी इस बार राहत देखने को मिली है। दिल्ली में 14 दशमलव 2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग 965 रुपये रखी गई है। मध्य प्रदेश में यह सिलेंडर करीब 975 रुपये और महाराष्ट्र में लगभग 960 रुपये के आसपास उपलब्ध है।
यह कीमतें बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर की हैं। जिन उपभोक्ताओं को सब्सिडी मिलती है उनके खाते में सब्सिडी की राशि सीधे ट्रांसफर की जाती है। सरकार समय समय पर सब्सिडी के नियमों में बदलाव करती रहती है इसलिए उपभोक्ताओं को अपनी गैस एजेंसी से सही जानकारी लेते रहना चाहिए।
ईंधन और गैस की कीमतें क्यों बदलती हैं
पेट्रोल और डीजल की कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल पर निर्भर करती हैं। जब वैश्विक बाजार में कच्चा तेल सस्ता होता है तो भारत में भी ईंधन की कीमतें घटती हैं। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी बहुत महत्वपूर्ण होती है।
यदि रुपया कमजोर होता है तो कच्चे तेल का आयात महंगा पड़ता है जिससे कीमतें बढ़ जाती हैं। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए टैक्स रिफाइनिंग लागत और परिवहन खर्च भी दाम तय करने में भूमिका निभाते हैं।
बढ़ती महंगाई में कैसे करें खर्च में बचत
अगर आप अपने मासिक बजट को संतुलित रखना चाहते हैं तो कुछ छोटे कदम काफी मददगार हो सकते हैं। जहां संभव हो वहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट या कार पूलिंग का इस्तेमाल करें। अपनी गाड़ी की समय पर सर्विसिंग करवाएं ताकि माइलेज बेहतर बना रहे।
एलपीजी गैस का सही उपयोग करें और अनावश्यक बर्बादी से बचें। समय पर सिलेंडर बुक कराना और गैस की खपत पर ध्यान देना भी घर के बजट को संभालने में मदद करता है। छोटी बचतें मिलकर बड़ी राहत देती हैं।
सरकार का उद्देश्य और आगे की दिशा
सरकार का मुख्य उद्देश्य पेट्रोल डीजल और एलपीजी गैस की कीमतों को यथासंभव स्थिर रखना है ताकि आम जनता पर महंगाई का बोझ न पड़े। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुसार कीमतों में समय समय पर बदलाव किया जाता है।
सरकार चाहती है कि देश में ऊर्जा सस्ती और आसानी से उपलब्ध हो जिससे आर्थिक गतिविधियां प्रभावित न हों। आने वाले समय में यदि कच्चे तेल की कीमतें और कम होती हैं तो आम लोगों को और राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है।